रविवार, 14 अप्रैल 2013

Middle head councling

मिडिल हेड काउंसिलिंग विवादों में घिरी
काउंसिलिंग में हो रही रोस्टर प्रणाली की अवहेलना
• सुरेश मेहरा
भिवानी। मिडल हेड पदोन्नत हुए अनुसूचित जाति से संबंधित शिक्षकों ने काउंसिलिंग में रोस्टर प्रणाली की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
एससी शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा विभाग उनकी भर्ती की साल के अनुसार काउंसिलिंग करवा रहा है। पहले काउंसिलिंग कराने वाले शिक्षक मनमर्जी के स्टेशन प्राप्त कर लेंगे। उन्हें बचे हुए दूर-दराज के स्टेशन दिए जाएंगे क्योंकि पदोन्नति सूची में अधिकतर एससी शिक्षकों को अंत में रखा गया है।
हरियाणा में पिछले दिनों मिडिल हेड के पद पर 5548 अध्यापक पदोन्नत हुए थे। उनको स्टेशन देने के लिए शुक्रवार से काउंसिलिंग शुरू हो चुकी है। 12 से 17 अप्रैल तक महिला मिडिल हेड और उसके बाद 30 अप्रैल तक पुरुष शिक्षकों की काउंसिलिंग होगी। एससी मुख्य अध्यापकों का कहना है कि काउंसिलिंग में नियमों की धज्जियां उड़ाईं जा रहीं हैं। रोस्टर प्रणाली के तहत काउंसिलिंग नहीं करवाई जा रही है। उन्होंने चीफ सेक्रेटरी के पत्र 27/10/2013-1 जीएस 111 का हवाला दिया है।
चीफ सेक्रेटरी के पत्र में दिए रोस्टर सिस्टम के अनुसार काउंसिलिंग में प्रत्येक 100 पदों में 4, 8, 14, 18, 24 28, 34, 38, 42, 50, 54, 58, 64, 68, 74, 78, 84, 88, 92 और 100वां कर्मचारी अनुसूचित जाति का होना जरूरी है। फिलहाल मुख्य अध्यापकों की काउंसिलिंग में इस नियम की अनदेखी की गई है।
अध्यापक नेता जयवीर नाफरिया और अनुसूचित जाति अध्यापक संघ के संगठन सचिव धर्मपाल रंगा ने बताया कि सरकार ने कुछ दिन पहले रोस्टर प्रणाली का पत्र जारी किया था। शिक्षा विभाग उस आदेश को दरकिनार कर मर्जी से काउंसिलिंग करवा रहा है। रोस्टर प्रणाली से नहीं की गई तो अनुसूचित जाति अध्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर दिलबाग सिं

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